देवपुर में औषधीय पौधों की पहचान पर कार्यशाला, 80 जड़ी-बूटियों की लाइव पहचान कर दी गई जानकारी
गरियाबंद। जिले के देवपुर में औषधीय पौधों की पहचान और उनके संरक्षण को लेकर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को जंगलों में मिलने वाली लगभग 80 प्रकार की औषधीय जड़ी-बूटियों की लाइव पहचान कराई तथा उनके औषधीय गुण, उपयोग और संरक्षण के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यशाला में वन क्षेत्र में भ्रमण के दौरान विभिन्न औषधीय पौधों को प्रत्यक्ष रूप से दिखाया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि इन पौधों का उपयोग आयुर्वेदिक उपचार में लंबे समय से किया जाता रहा है और इनके वैज्ञानिक संरक्षण की आवश्यकता है। साथ ही प्रतिभागियों को पौधों की सही पहचान, संग्रहण और संवर्धन के तरीकों की भी जानकारी दी गई।
आयोजकों ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाओं का उद्देश्य लोगों, विशेषकर युवाओं और ग्रामीणों को पारंपरिक वनौषधीय ज्ञान से जोड़ना तथा जैव विविधता के संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। प्रतिभागियों ने भी कार्यक्रम को उपयोगी बताते हुए भविष्य में ऐसे प्रशिक्षण नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की।













