Home / छत्तीसगढ़ / शीर्षक: सीमांकन में तीन महीने की देरी पर हाई कोर्ट सख्त, बिलासपुर तहसीलदार को 15 दिन में कार्रवाई के निर्देश बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने भूमि सीमांकन के मामले में तीन महीने तक कार्रवाई नहीं होने पर कड़ा रुख अपनाया है। मंगला निवासी सरोज वाजपेयी की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने बिलासपुर तहसीलदार को निर्देश दिया है कि सीमांकन की प्रक्रिया पूरी कर 15 दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। याचिका में बताया गया था कि सीमांकन के लिए आवेदन दिए जाने के बावजूद राजस्व अधिकारियों ने लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे आवेदक को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने इस देरी पर नाराजगी जताई और राजस्व अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राजस्व मामलों में अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं है और संबंधित अधिकारी निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्रवाई पूरी करें। हाई कोर्ट के निर्देश के बाद अब तहसीलदार को 15 दिनों के भीतर सीमांकन की प्रक्रिया पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

शीर्षक: सीमांकन में तीन महीने की देरी पर हाई कोर्ट सख्त, बिलासपुर तहसीलदार को 15 दिन में कार्रवाई के निर्देश बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने भूमि सीमांकन के मामले में तीन महीने तक कार्रवाई नहीं होने पर कड़ा रुख अपनाया है। मंगला निवासी सरोज वाजपेयी की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने बिलासपुर तहसीलदार को निर्देश दिया है कि सीमांकन की प्रक्रिया पूरी कर 15 दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। याचिका में बताया गया था कि सीमांकन के लिए आवेदन दिए जाने के बावजूद राजस्व अधिकारियों ने लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे आवेदक को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने इस देरी पर नाराजगी जताई और राजस्व अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राजस्व मामलों में अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं है और संबंधित अधिकारी निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्रवाई पूरी करें। हाई कोर्ट के निर्देश के बाद अब तहसीलदार को 15 दिनों के भीतर सीमांकन की प्रक्रिया पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

मांकन में तीन महीने की देरी पर हाई कोर्ट सख्त, बिलासपुर तहसीलदार को 15 दिन में कार्रवाई के निर्देश

 

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने भूमि सीमांकन के मामले में तीन महीने तक कार्रवाई नहीं होने पर कड़ा रुख अपनाया है। मंगला निवासी सरोज वाजपेयी की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने बिलासपुर तहसीलदार को निर्देश दिया है कि सीमांकन की प्रक्रिया पूरी कर 15 दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

 

 

याचिका में बताया गया था कि सीमांकन के लिए आवेदन दिए जाने के बावजूद राजस्व अधिकारियों ने लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे आवेदक को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने इस देरी पर नाराजगी जताई और राजस्व अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

 

 

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राजस्व मामलों में अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं है और संबंधित अधिकारी निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्रवाई पूरी करें। हाई कोर्ट के निर्देश के बाद अब तहसीलदार को 15 दिनों के भीतर सीमांकन की प्रक्रिया पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जाने आज का राशि फल