पत्नी के चरित्र पर शक में बेटे की हत्या करने वाले पिता को राहत नहीं, हाईकोर्ट ने बरकरार रखी सजा
बिलासपुर। पत्नी के चरित्र पर संदेह के चलते अपने ही बेटे की हत्या करने वाले आरोपी को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा को सही ठहराते हुए आरोपी की अपील खारिज कर दी।
मामले में अदालत ने पाया कि आरोपी ने पारिवारिक विवाद और पत्नी के चरित्र पर शक के कारण अपने बेटे की हत्या की थी। निचली अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया था। इसके खिलाफ आरोपी ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मामले से जुड़े सबूतों, गवाहों के बयान और ट्रायल कोर्ट के फैसले का परीक्षण किया। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपी का अपराध साबित करने में सफल रहा है और निचली अदालत के फैसले में किसी प्रकार की कानूनी त्रुटि नहीं है।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मामले में प्रस्तुत साक्ष्य आरोपी के खिलाफ पर्याप्त हैं, इसलिए उसकी अपील स्वीकार करने का कोई आधार नहीं बनता। इसके साथ ही अदालत ने ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा को यथावत रखते हुए अपील निरस्त कर दी।













