NIT रायपुर के पूर्व रजिस्ट्रार पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, सेवा विस्तार विवाद ने पकड़ा कानूनी मोड़
बिलासपुर/रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर के पूर्व रजिस्ट्रार डॉ. आरिफ खान ने सेवा विस्तार से जुड़े विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मामले में कानूनी लड़ाई अब देश की सर्वोच्च अदालत तक पहुंच गई है, जहां संविदा और सेवा विस्तार से जुड़े अधिकारियों के अधिकारों पर महत्वपूर्ण सुनवाई होने की संभावना है।
जानकारी के अनुसार, डॉ. खान का मामला सेवा अवधि बढ़ाने और उससे संबंधित प्रशासनिक निर्णयों से जुड़ा है। इस विवाद को लेकर पहले विभिन्न स्तरों पर कानूनी प्रक्रिया चल चुकी है, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की है।
मामले की सुनवाई के दौरान यह तय हो सकता है कि संविदा अथवा सेवा विस्तार पर कार्यरत अधिकारियों को किस सीमा तक अधिकार और संरक्षण प्राप्त हैं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला भविष्य में ऐसे मामलों के लिए मिसाल बन सकता है।
फिलहाल, सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिकी हैं, क्योंकि इससे न केवल डॉ. आरिफ खान के मामले बल्कि देशभर के शैक्षणिक और सरकारी संस्थानों में सेवा विस्तार से जुड़े मामलों पर भी प्रभाव पड़ सकता है।












