छत्तीसगढ़ में शुरू होगा बासमती धान मिशन, किसानों की आय बढ़ाने की तैयारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से जल्द ही बासमती धान मिशन शुरू करने जा रही है। इस मिशन के तहत किसानों को पारंपरिक धान के साथ-साथ बासमती धान की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे उन्हें बेहतर बाजार मूल्य मिल सके। छत्तीसगढ़ को पहले से ही “धान का कटोरा” कहा जाता है और अब सरकार बासमती उत्पादन के जरिए कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने की तैयारी कर रही है।
सरकार की योजना के अनुसार चयनित क्षेत्रों में बासमती धान की उन्नत किस्मों का उत्पादन बढ़ाया जाएगा। किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, तकनीकी मार्गदर्शन और विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक अपनी उपज पहुंचा सकें।
विशेषज्ञों का मानना है कि बासमती धान की मांग देश और विदेश दोनों बाजारों में लगातार बनी हुई है। ऐसे में इस मिशन से किसानों को सामान्य धान की तुलना में अधिक लाभ मिलने की संभावना है। सरकार का लक्ष्य कृषि को अधिक लाभकारी बनाते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
राज्य सरकार का कहना है कि बासमती धान मिशन से खेती में विविधता आएगी, किसानों की आय में वृद्धि होगी और छत्तीसगढ़ की पहचान उच्च गुणवत्ता वाले चावल उत्पादक राज्य के रूप में और मजबूत होगी।













