जशपुर सड़क हादसा: हाई कोर्ट ने बीमा कंपनी को लगाई फटकार, कहा- हवा-हवाई दावों से नहीं बच सकती जिम्मेदारी
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सड़क दुर्घटना मामलों में बीमा कंपनियों द्वारा तकनीकी आधार पर दायित्व से बचने की कोशिशों पर कड़ा रुख अपनाया है। जशपुर जिले के फुलडीह गांव में हुए एक सड़क हादसे से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने स्पष्ट कहा कि केवल आधारहीन और हवा-हवाई दावे कर बीमा कंपनियां मुआवजा देने की जिम्मेदारी से नहीं बच सकतीं।
मामला एक सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले युवक के परिजनों को मुआवजा देने से जुड़ा था। बीमा कंपनी ने दुर्घटना और वाहन की संलिप्तता पर सवाल उठाते हुए दायित्व से मुक्त किए जाने की मांग की थी। हालांकि हाई कोर्ट ने रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों और पुलिस जांच को पर्याप्त मानते हुए बीमा कंपनी की दलीलों को खारिज कर दिया।
अदालत ने कहा कि यदि बीमा कंपनी किसी पॉलिसी उल्लंघन या अन्य आधार पर अपनी जिम्मेदारी से बचना चाहती है तो उसे ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे। केवल आशंकाओं या तकनीकी तर्कों के आधार पर दुर्घटना पीड़ितों के परिजनों को मुआवजे से वंचित नहीं किया जा सकता।
हाई कोर्ट की इस टिप्पणी को मोटर दुर्घटना दावा मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फैसले से यह संदेश गया है कि दुर्घटना पीड़ितों और उनके परिवारों को न्याय दिलाने के लिए अदालतें बीमा कंपनियों की निराधार आपत्तियों को स्वीकार नहीं करेंगी।













