छत्तीसगढ़ में कथित विदेशी फंडिंग और नेटवर्क ट्रेनिंग मॉड्यूल से जुड़े मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज हो गई है।
छत्तीसगढ़ में विदेशी फंडिंग और नेटवर्क आधारित ट्रेनिंग मॉड्यूल से जुड़े एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) सहित जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं और कई स्थानों पर कार्रवाई की गई है।
जांच में सामने आया है कि एक नेटवर्क के माध्यम से ट्रेनिंग मॉड्यूल चलाकर लोगों तक पहुंच बनाई जा रही थी। इस नेटवर्क का संबंध विदेशी फंडिंग से जोड़ा जा रहा है। आरोप है कि इस फंडिंग का उपयोग संगठित तरीके से गतिविधियों को बढ़ाने और नेटवर्क विस्तार के लिए किया गया।
एजेंसियों को संदेह है कि इस पूरे सिस्टम के तहत विदेशी स्रोतों से धन भारत में लाया गया और उसका इस्तेमाल अलग-अलग क्षेत्रों में नेटवर्क तैयार करने में किया गया। इस मामले में कुछ संदिग्ध लेनदेन और ट्रेनिंग गतिविधियों के दस्तावेज भी जांच के दायरे में हैं।
बताया जा रहा है कि यह नेटवर्क खास तौर पर संवेदनशील और नक्सल प्रभावित इलाकों में सक्रिय था, जहां प्रशिक्षण के जरिए लोगों को जोड़ने का प्रयास किया गया।
फिलहाल जांच एजेंसियां इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं और इसमें शामिल लोगों व संगठनों की पहचान की जा रही है। आने वाले समय में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।













