कांकेर में भीषण गर्मी से वन्यजीव बेहाल, पानी की तलाश में गांवों की ओर बढ़े कदम
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में पड़ रही भीषण गर्मी का असर अब वन्यजीवों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। जंगलों में जलस्त्रोत सूखने के कारण बंदर और भालू जैसे जानवर पानी की तलाश में गांवों की ओर पहुंच रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, गर्मी बढ़ने से जंगलों में प्राकृतिक जल स्रोत लगभग समाप्त हो गए हैं। ऐसे में प्यास से बेहाल वन्यजीव आबादी क्षेत्रों का रुख कर रहे हैं। कई स्थानों पर बंदर हैंडपंप और पानी की टंकियों के पास देखे जा रहे हैं, जबकि एक भालू को गांव के गौठान में बनी पानी की टंकी में उतरकर नहाते हुए भी देखा गया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस तरह के दृश्य पहले कम ही देखने को मिलते थे, लेकिन इस साल गर्मी की तीव्रता ज्यादा होने से स्थिति बदल गई है। जंगलों में पानी की कमी के कारण न सिर्फ जानवरों का व्यवहार बदल रहा है, बल्कि पक्षियों के मरने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ती गर्मी और जल संकट वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। यदि समय रहते जंगलों में जल प्रबंधन की व्यवस्था नहीं की गई, तो मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ सकती हैं।













