104 साल के बुजुर्ग के नाम पर फर्जी लोन लेने वालों को 3-3 साल की सजा
बिलासपुर। 104 वर्षीय बुजुर्ग की जमीन के दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा कर बैंक से ऋण लेने वाले आरोपियों को अदालत ने दोषी करार देते हुए तीन-तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपियों पर जुर्माना भी लगाया गया है।
मामले में आरोप था कि आरोपियों ने बुजुर्ग की जमीन से जुड़े फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक से लाखों रुपये का ऋण हासिल किया था। जांच के दौरान दस्तावेजों में गड़बड़ी और धोखाधड़ी की पुष्टि होने पर मामला अदालत पहुंचा।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने दस्तावेजी साक्ष्य और गवाहों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मजबूत पक्ष रखा। सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपियों को धोखाधड़ी और जालसाजी का दोषी मानते हुए तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
अदालत के इस फैसले को फर्जी दस्तावेज बनाकर बैंक और आम लोगों के साथ धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ा संदेश माना जा रहा है।













