मणिपुर ऑपरेशन में अदम्य साहस दिखाने वाले भोजराम साहू को शौर्य चक्र
बालोद जिले के डौंडी ब्लॉक के ग्राम ढोरीठेमा निवासी असम राइफल्स के जवान भोजराम साहू को उनकी वीरता, साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए देश के प्रतिष्ठित वीरता पुरस्कार शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें मणिपुर में एक चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन के दौरान असाधारण बहादुरी का परिचय देने पर प्रदान किया गया।
जानकारी के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान भोजराम साहू ने दुश्मनों का डटकर सामना किया। गंभीर खतरे और गोली लगने के बावजूद उन्होंने अपना हौसला नहीं खोया और मिशन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके साहस और समर्पण को देखते हुए उन्हें शौर्य चक्र के लिए चुना गया।
भोजराम साहू की इस उपलब्धि से पूरे बालोद जिले और छत्तीसगढ़ में गर्व का माहौल है। उनके सम्मान से न केवल उनके परिवार बल्कि क्षेत्र के युवाओं को भी देश सेवा और वीरता की प्रेरणा मिली है।
शौर्य चक्र भारत का तीसरा सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है, जो असाधारण साहस और शौर्य के लिए प्रदान किया जाता है।













