
बिलासपुर में राशन दुकान संचालकों का विरोध, 11 रुपये कमीशन बढ़ोतरी को बताया नाकाफी
विक्रेता संघ बोला- ₹250 कमीशन की मांग पर सरकार ने थमाया झुनझुना, मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
बिलासपुर। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत संचालित राशन दुकानों के विक्रेताओं ने कमीशन में की गई 11 रुपये की बढ़ोतरी को लेकर नाराजगी जताई है। राशन दुकान संचालकों का कहना है कि लंबे समय से वे प्रति क्विंटल 250 रुपये कमीशन की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने उनकी मांग पर अपेक्षित निर्णय लेने के बजाय महज 11 रुपये की बढ़ोतरी कर दी। विक्रेता संघ ने इसे ऊंट के मुंह में जीरा बताते हुए विरोध जताया है।
संघ के पदाधिकारियों के अनुसार राशन दुकानों के संचालन में लगातार खर्च बढ़ रहा है। दुकान का किराया, बिजली, इंटरनेट, कर्मचारियों का खर्च, परिवहन सहित अन्य खर्च संचालकों को वहन करना पड़ता है। इसके बावजूद कमीशन में मामूली बढ़ोतरी से उनकी आर्थिक परेशानियां दूर नहीं होंगी।
₹250 कमीशन की मांग, मिली सिर्फ 11 रुपये की बढ़ोतरी
राशन विक्रेता संघ का कहना है कि पीडीएस दुकानदारों को लंबे समय से कमीशन बढ़ाने की मांग को लेकर शासन-प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याएं रखनी पड़ रही हैं। विक्रेताओं ने प्रति क्विंटल 250 रुपये कमीशन देने की मांग रखी थी। संघ का आरोप है कि सरकार ने उनकी वास्तविक समस्याओं और खर्चों को ध्यान में रखने के बजाय केवल 11 रुपये की बढ़ोतरी की है।
विक्रेताओं का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में इतनी कम बढ़ोतरी से राशन दुकानों का संचालन करना मुश्किल हो रहा है। उनका कहना है कि सरकार को जमीनी स्तर पर दुकानदारों की समस्याओं को समझते हुए कमीशन में पर्याप्त वृद्धि करनी चाहिए।
दुकानदारों पर बढ़ता जा रहा आर्थिक बोझ
संघ के मुताबिक राशन वितरण की पूरी व्यवस्था में दुकानदारों की महत्वपूर्ण भूमिका है। हितग्राहियों को समय पर राशन उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्टॉक और वितरण संबंधी रिकॉर्ड भी संभालना पड़ता है। इसके लिए आवश्यक संसाधनों पर होने वाला खर्च भी लगातार बढ़ रहा है।
विक्रेताओं का कहना है कि महंगाई बढ़ने के बावजूद उनकी आय में उस अनुपात में वृद्धि नहीं हुई है। ऐसे में 11 रुपये की अतिरिक्त राशि से राहत मिलने के बजाय उनकी नाराजगी और बढ़ गई है।
मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की तैयारी
राशन विक्रेता संघ ने सरकार से एक बार फिर कमीशन की राशि बढ़ाकर ₹250 प्रति क्विंटल करने की मांग की है। संघ ने संकेत दिया है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो प्रदेशभर के राशन दुकान संचालक आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।
विक्रेता संघ का कहना है कि वे सरकार के निर्णय का विरोध इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उनकी मांग और सरकार की ओर से दी गई बढ़ोतरी के बीच बड़ा अंतर है। संघ ने सरकार से मांग की है कि राशन दुकानदारों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए कमीशन में सम्मानजनक वृद्धि की जाए, ताकि पीडीएस व्यवस्था से जुड़े दुकानदारों को राहत मिल सके।













