NMMS ऐप बना मनरेगा मजदूरों की परेशानी, फेस रिकग्निशन फेल होने से नहीं लग रही हाजिरी
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के देवभोग ब्लॉक में मनरेगा मजदूरों के लिए नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (NMMS) ऐप नई परेशानी बन गया है। फेस रिकग्निशन आधारित हाजिरी प्रणाली में तकनीकी दिक्कतों के कारण कई मजदूरों की उपस्थिति दर्ज नहीं हो पा रही है, जिससे उन्हें मजदूरी मिलने पर भी संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि खेतों और निर्माण कार्यों में लगातार काम करने से चेहरों पर धूल, मिट्टी और धूप का असर रहता है। ऐसे में ऐप कई बार उनका चेहरा पहचानने में विफल हो जाता है। इसके कारण बार-बार फोटो लेने के बावजूद हाजिरी दर्ज नहीं हो पाती और मजदूरों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।
मजदूरों ने प्रशासन से मांग की है कि तकनीकी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए और जब तक ऐप पूरी तरह सुचारु नहीं हो जाता, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था से उपस्थिति दर्ज करने की सुविधा दी जाए, ताकि किसी भी श्रमिक की मजदूरी प्रभावित न हो।













