
शांति की दुआ लेती जा… जा तुझको तेरा परिवार मिले, 50 पूर्व माओवादियों की भावुक विदाई
बस्तर। गढ़चिरौली से बस्तर लौटे करीब 50 पूर्व माओवादियों का विदाई समारोह भावुक माहौल में हुआ। कभी हिंसा और जंगलों की जिंदगी का हिस्सा रहे इन लोगों ने अब मुख्यधारा में लौटकर नई जिंदगी शुरू करने का संकल्प लिया है। विदाई के दौरान मौजूद लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा— “शांति की दुआ लेती जा, जा तुझको तेरा परिवार मिले।”
समारोह में पूर्व माओवादियों को सम्मान के साथ विदा किया गया। इस दौरान उनके चेहरों पर भावुकता साफ नजर आई। कई लोगों के लिए यह पल इसलिए भी खास रहा, क्योंकि लंबे समय बाद वे अपने परिवार और समाज के बीच सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं।
बताया गया कि गढ़चिरौली में पुनर्वास और मुख्यधारा से जोड़ने की प्रक्रिया के बाद ये पूर्व माओवादी बस्तर वापस लौटे हैं। अधिकारियों और सुरक्षाबलों की ओर से उन्हें आगे शांतिपूर्ण जीवन जीने तथा परिवार के साथ रहने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
विदाई समारोह का माहौल उस समय और भावुक हो गया, जब अपनों से दूर रहे लोगों को नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम में शांति, परिवार और समाज से जुड़कर आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।
पूर्व माओवादियों की यह वापसी बस्तर में पुनर्वास और मुख्यधारा से जुड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अब इनके सामने सबसे बड़ी चुनौती नए माहौल में स्थायी रूप से बसकर सामान्य जीवन को आगे बढ़ाना है।













