महानदी जल विवाद में नई प्रगति, छत्तीसगढ़-ओडिशा ने ट्रिब्यूनल को संयुक्त रिपोर्ट सौंपी
छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चल रहे महानदी जल विवाद में अहम प्रगति हुई है। दोनों राज्यों ने महानदी जल विवाद ट्रिब्यूनल के समक्ष संयुक्त रूप से जल उपलब्धता से जुड़ी रिपोर्ट प्रस्तुत की है।
इस रिपोर्ट में महानदी बेसिन में पानी की उपलब्धता, उपयोग और प्रवाह से संबंधित आंकड़े शामिल किए गए हैं, जिससे ट्रिब्यूनल को विवाद के समाधान में मदद मिलेगी। रिपोर्ट के आधार पर अब यह आकलन किया जाएगा कि नदी के पानी का दोनों राज्यों के बीच किस प्रकार न्यायसंगत बंटवारा किया जाए।
महानदी नदी छत्तीसगढ़ से निकलकर ओडिशा होते हुए बंगाल की खाड़ी में मिलती है और दोनों राज्यों के लिए सिंचाई, पेयजल और उद्योगों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।
यह विवाद मुख्य रूप से पानी के बंटवारे को लेकर है। ओडिशा का आरोप है कि छत्तीसगढ़ द्वारा बनाए गए बांध और बैराज के कारण नदी का प्रवाह कम हो रहा है, जिससे राज्य में जल संकट की स्थिति बन रही है। वहीं छत्तीसगढ़ का कहना है कि वह अपने हिस्से के पानी का ही उपयोग कर रहा है।
ट्रिब्यूनल के समक्ष संयुक्त रिपोर्ट पेश करना इस विवाद के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब उम्मीद की जा रही है कि तकनीकी आंकड़ों के आधार पर जल्द ही कोई ठोस निर्णय सामने आ सकता है।













