रहस्यमयी बाघिन से जगी नई उम्मीद, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में बढ़ी हलचल
Udanti Sitanadi Tiger Reserve में एक रहस्यमयी बाघिन की मौजूदगी ने वन विभाग और वन्यजीव विशेषज्ञों की उम्मीदें फिर से जगा दी हैं। लंबे समय से बाघों की घटती संख्या से जूझ रहे इस टाइगर रिजर्व में अचानक सामने आई इस बाघिन ने संरक्षण प्रयासों को नई दिशा दी है।
वन विभाग के मुताबिक, इस बाघिन का रिकॉर्ड देश के किसी भी टाइगर डेटाबेस में नहीं मिला है। न तो उसके स्ट्राइप पैटर्न का कोई मिलान हुआ और न ही पड़ोसी राज्यों के कैमरा ट्रैप में उसकी तस्वीरें दर्ज थीं। ऐसे में उसकी मौजूदगी को बेहद रहस्यमयी माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बाघिन का यहां पहुंचना इस बात का संकेत है कि जंगलों के बीच वन्यजीव कॉरिडोर अब भी सक्रिय हैं। इससे रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़ने और आनुवंशिक विविधता मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है।
गौरतलब है कि उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व छत्तीसगढ़ के गरियाबंद और धमतरी जिलों में फैला हुआ है और यह दुर्लभ वन्यजीवों के लिए महत्वपूर्ण आवास माना जाता है। यहां पहले से जंगली भैंसा, तेंदुआ, भालू और कई दुर्लभ प्रजातियां पाई जाती हैं।













