रायपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने प्रदेश में आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत प्रवेश प्रक्रिया को लेकर सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान जानकारी सामने आई कि राज्य के 387 निजी स्कूलों में आरटीई के तहत एक भी आवेदन नहीं आया। इस पर हाई कोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग से जवाब मांगा है।
कोर्ट ने पूछा कि आखिर इतने स्कूलों में आवेदन क्यों नहीं पहुंचे और क्या शासन द्वारा प्रचार-प्रसार या प्रक्रिया में कोई कमी रह गई। मामले की सुनवाई के दौरान यह भी कहा गया कि गरीब और जरूरतमंद बच्चों को आरटीई का लाभ नहीं मिल पाना गंभीर विषय है।
बताया जा रहा है कि प्रदेश में आरटीई के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित हैं। हालांकि इस बार कई स्कूलों में आवेदन नहीं आने और निजी स्कूल संचालकों के विरोध के कारण प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित हुई है।
हाई कोर्ट ने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग को निर्देश देते हुए व्यवस्था सुधारने और पात्र बच्चों तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई में विभाग को विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करनी होगी।













