छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: नर्सिंग कॉलेज प्रवेश में 10वें परसेंटाइल की शर्त रद्द, आरक्षण नियमों का पालन जरूरी
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए राज्य सरकार द्वारा लागू की गई 10वें परसेंटाइल की न्यूनतम पात्रता शर्त को निरस्त कर दिया है। अदालत ने कहा कि जब भारतीय नर्सिंग परिषद (INC) ने न्यूनतम क्वालिफाइंग परसेंटाइल में छूट दे दी थी, तब राज्य सरकार अलग से नया परसेंटाइल लागू नहीं कर सकती थी।
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि नर्सिंग शिक्षा के प्रवेश मानकों को तय करने का अधिकार भारतीय नर्सिंग परिषद के पास है। ऐसे में राज्य सरकार का 10वें परसेंटाइल की नई शर्त लागू करना कानून के अनुरूप नहीं था। अदालत ने यह भी माना कि इस निर्णय से आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को मिलने वाली छूट और आरक्षण नीति भी प्रभावित हुई।
मामले में निजी नर्सिंग कॉलेजों के संगठन और कुछ छात्रों ने याचिका दायर कर राज्य सरकार के फैसले को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि INC द्वारा छूट दिए जाने के बावजूद राज्य सरकार ने अतिरिक्त शर्त लगाकर हजारों सीटें खाली रहने की स्थिति पैदा कर दी।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के आदेश को निरस्त करते हुए कहा कि प्रवेश प्रक्रिया भारतीय नर्सिंग परिषद के निर्धारित नियमों और प्रावधानों के अनुसार ही संचालित की जानी चाहिए।













