बिलासपुर सत्र न्यायालय का बड़ा फैसला: धारा 207 के तहत जब्त वाहन अब मजिस्ट्रेट कोर्ट से नहीं होंगे रिहा
बिलासपुर सत्र न्यायालय ने मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 207 के तहत जब्त किए गए वाहनों की रिहाई को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में मजिस्ट्रेट कोर्ट को वाहन छोड़ने का अधिकार नहीं है और वाहन मालिकों को रिहाई के लिए परिवहन विभाग की सक्षम प्राधिकृत संस्था के समक्ष ही आवेदन करना होगा।
यह फैसला एक मामले की सुनवाई के दौरान एकादश अपर सत्र न्यायाधीश विजेंद्र सोनवानी की अदालत ने दिया। अदालत ने कहा कि मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 207 एक विशेष प्रावधान है, जिसके तहत बिना वैध दस्तावेज, परमिट या अन्य नियमों के उल्लंघन पर जब्त किए गए वाहनों की रिहाई की प्रक्रिया भी उसी अधिनियम के तहत निर्धारित प्राधिकारी द्वारा की जाएगी।
अदालत के इस निर्णय को परिवहन नियमों के प्रभावी पालन की दिशा में अहम माना जा रहा है। फैसले के बाद ऐसे वाहन मालिक, जिनके वाहन धारा 207 के तहत जब्त किए गए हैं, उन्हें मजिस्ट्रेट कोर्ट की बजाय परिवहन विभाग के समक्ष आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर वाहन छुड़ाने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।













