1400 साल से खड़ा है प्रकृति का प्रहरी: कोरबा के महावृक्ष की पूजा के बाद ही शुरू होते हैं शुभ कार्य
कोरबा जिले के बालको वन परिक्षेत्र स्थित सतरेंगा क्षेत्र में एक विशाल महावृक्ष पिछले करीब 1400 वर्षों से प्रकृति के प्रहरी के रूप में खड़ा है। यह प्राचीन वृक्ष स्थानीय लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ है और क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है।
ग्रामीणों की मान्यता है कि किसी भी शुभ कार्य, मांगलिक आयोजन या नए कार्य की शुरुआत से पहले इस महावृक्ष की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया जाता है। वर्षों से चली आ रही यह परंपरा आज भी कायम है, जिसके चलते दूर-दूर से लोग यहां पहुंचकर श्रद्धा व्यक्त करते हैं।
वन क्षेत्र के बीच स्थित यह वृक्ष न केवल प्राकृतिक धरोहर है, बल्कि स्थानीय संस्कृति, परंपरा और पर्यावरण संरक्षण का भी जीवंत उदाहरण है। ग्रामीण इसे प्रकृति का रक्षक मानते हैं और इसके संरक्षण के लिए विशेष प्रयास करते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, इतने लंबे समय से जीवित यह वृक्ष जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। यही कारण है कि यह महावृक्ष कोरबा जिले की पहचान और लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है।













