सुरक्षा ड्यूटी से राजनीति तक: विवादों के बीच चर्चा में भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो
रामकुमार टोप्पो एक बार फिर सुर्खियों में हैं। सरगुजा जिले के सीतापुर क्षेत्र से भाजपा विधायक टोप्पो पर नायब तहसीलदार के साथ कथित मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा डालने का आरोप लगा है, जिसके बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
मामले के बाद विधायक की पृष्ठभूमि भी चर्चा में आ गई है। राजनीति में आने से पहले रामकुमार टोप्पो केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में कमांडो रह चुके हैं और केंद्रीय गृह मंत्री की सुरक्षा टीम का हिस्सा भी रहे थे। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अमरजीत भगत को हराकर सीतापुर सीट पर भाजपा की जीत दर्ज कराई थी।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब राजापुर क्षेत्र में एक सॉल्वेंसी प्रमाण पत्र जारी करने को लेकर विधायक समर्थकों और नायब तहसीलदार के बीच विवाद हुआ। राजस्व अधिकारी ने आरोप लगाया कि विधायक और उनके समर्थकों ने दबाव बनाकर दस्तावेज पर तत्काल हस्ताक्षर कराने की कोशिश की और विरोध करने पर मारपीट की। वहीं विधायक पक्ष ने अधिकारी पर उनकी रिश्तेदार के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। दोनों पक्षों की शिकायत पर अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
घटना के बाद राजस्व अधिकारियों के संगठनों ने आरोपी लोगों की गिरफ्तारी की मांग की है, जबकि विधायक रामकुमार टोप्पो ने अपने ऊपर लगे आरोपों को राजनीतिक साजिश बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।













