बस्तर में बढ़े चर्च और प्रार्थना केंद्र, आधिकारिक मतांतरण के आंकड़ों पर उठे सवाल
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद से वर्ष 2023 तक प्रदेश में केवल 364 लोगों ने आधिकारिक रूप से धर्मांतरण की सूचना प्रशासन को दी है। वहीं दूसरी ओर बस्तर संभाग में चर्च और प्रार्थना केंद्रों की संख्या 1500 के पार पहुंचने का दावा किया जा रहा है। इस आंकड़े के सामने आने के बाद क्षेत्र में धर्मांतरण और धार्मिक गतिविधियों को लेकर बहस तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार, राज्य में धर्मांतरण से जुड़े मामलों में प्रशासनिक रिकॉर्ड और जमीनी स्तर पर धार्मिक संस्थानों की बढ़ती संख्या के बीच बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है। बस्तर क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में चर्चों और प्रार्थना केंद्रों का तेजी से विस्तार हुआ है, जिसे लेकर विभिन्न संगठनों ने सवाल उठाए हैं।
इधर, आदिवासी बहुल बस्तर में धर्मांतरण को लेकर पहले भी कई बार विवाद और विरोध प्रदर्शन सामने आ चुके हैं। कुछ संगठनों का कहना है कि बिना आधिकारिक जानकारी दिए बड़े पैमाने पर धर्मांतरण हो रहे हैं, जबकि ईसाई संगठनों का दावा है कि लोगों को संविधान के तहत अपनी आस्था चुनने का अधिकार है।
प्रशासनिक स्तर पर फिलहाल उपलब्ध रिकॉर्ड में केवल आधिकारिक सूचनाओं को ही दर्ज माना जा रहा है। वहीं इस मुद्दे को लेकर सामाजिक और राजनीतिक हलकों में चर्चाएं लगातार जारी हैं।













