हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: चचेरे रिश्ते में शादी अवैध, फिर भी पत्नी को मिलेगा भरण-पोषण
हाल ही में एक अहम फैसले में हाईकोर्ट ने कहा है कि चचेरे रिश्ते (कजिन) में की गई शादी कानूनी रूप से मान्य नहीं है। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति में महिला को भरण-पोषण (maintenance) का अधिकार मिलता है।
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि संबंधित विवाह कानून के तहत निषिद्ध संबंधों की श्रेणी में आता है, इसलिए इसे वैध शादी नहीं माना जा सकता। इसके बावजूद, अदालत ने महिला के अधिकारों को ध्यान में रखते हुए कहा कि उसे पूरी तरह से असहाय नहीं छोड़ा जा सकता।
कोर्ट ने कहा कि अगर महिला ने वैवाहिक संबंध के तहत पति के साथ जीवन बिताया है, तो उसे भरण-पोषण का अधिकार मिलेगा। यह फैसला महिलाओं की सुरक्षा और उनके आर्थिक अधिकारों को सुनिश्चित करने के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि भले ही शादी तकनीकी रूप से अवैध हो, लेकिन यदि महिला ने खुद को पत्नी मानकर संबंध निभाया है, तो कानून उसके हितों की रक्षा करेगा।
यह निर्णय ऐसे मामलों में एक मिसाल के रूप में देखा जा रहा है, जहां विवाह की वैधता पर सवाल उठते हैं, लेकिन महिला के अधिकारों को प्राथमिकता दी जाती है।













