रायपुर अंधविश्वास हत्या मामला: दोषी ईश्वरी साहू को उम्रकैद, टोनही प्रताड़ना कानून के तहत सजा
रायपुर में अंधविश्वास से जुड़े एक गंभीर हत्या मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी ईश्वरी साहू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला टोनही (डायन) बताकर प्रताड़ना और हत्या से जुड़ा था, जिसमें अदालत ने कड़े रुख अपनाते हुए दोषी को दंडित किया।
मामले में सामने आया कि आरोपी ने अंधविश्वास के चलते महिला को टोनही बताकर उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया और अंततः उसकी हत्या कर दी। जांच के दौरान पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य जुटाए, जिसके आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया।
अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि समाज में अंधविश्वास के कारण होने वाले अपराध बेहद गंभीर हैं और इन्हें रोकने के लिए कड़ी सजा जरूरी है। इसी के तहत आरोपी को आजीवन कारावास के साथ अन्य धाराओं में भी दंडित किया गया।
इस प्रकरण में छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम 2005 के तहत भी कार्रवाई की गई। यह कानून खासतौर पर महिलाओं को टोनही बताकर किए जाने वाले अत्याचारों को रोकने के लिए बनाया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के मामलों में जागरूकता की कमी और सामाजिक कुरीतियां बड़ी वजह बनती हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अंधविश्वास से दूर रहें और किसी भी तरह की अफवाह या कुरीति पर विश्वास न करें।
यह फैसला समाज में फैली कुप्रथाओं के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।













