
देवपहरी झरने में अचानक बढ़ा पानी, टापू पर फंसे तीन दोस्त; SDRF टीम रेस्क्यू में जुटी
कोरबा। जिले के देवपहरी जलप्रपात में मंगलवार को उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब फोटो खींचने पहुंचे तीन युवक अचानक पानी का बहाव बढ़ने से नदी के बीच बने टापू पर फंस गए। तीनों युवक तेज बहाव और अंधेरे के बीच वहां बनी छतरी में शरण लेकर रेस्क्यू टीम के संपर्क में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीम उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए रवाना हुई।
जानकारी के मुताबिक, गुरमा श्यांग निवासी धनेश्वर सारथी, घनश्याम महंत और सूरज सारथी तीनों दोस्त सतरेंगा घूमने गए थे। इसके बाद वे देवपहरी जलप्रपात पहुंचे और वहां फोटो खींच रहे थे। इसी दौरान अचानक पानी का बहाव बढ़ गया और तीनों नदी के बीच बने टापू पर फंस गए।
वीडियो कॉल से रेस्क्यू टीम के संपर्क में
टापू पर फंसे युवकों ने वहां बनी छतरी में शरण ली। रेस्क्यू टीम ने वीडियो कॉल के जरिए उनसे संपर्क किया। युवकों ने बताया कि चारों तरफ अंधेरा है और आसपास कुछ दिखाई नहीं दे रहा है। वे टॉर्च की रोशनी से स्थिति देख पा रहे हैं। तीनों ने बताया कि उनके पास सिर्फ रेनकोट हैं।
रेस्क्यू टीम के हेड जितेन सारथी ने युवकों को घबराने से मना करते हुए सुरक्षित रहने की सलाह दी। टीम ने कहा कि यदि पानी का बहाव और बढ़ता है तो खुद को सुरक्षित स्थान पर खंभे से बांधकर रखें और हिम्मत बनाए रखें।
तेज बहाव के कारण रेस्क्यू में चुनौती
लगातार बारिश के कारण हसदेव नदी उफान पर है। तेज बहाव और अंधेरे की वजह से रेस्क्यू टीम को मौके तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। टीम टॉर्च की रोशनी और वीडियो कॉल के जरिए युवकों की लोकेशन ट्रेस कर रही है।
कोरबा एसपी सिद्धार्थ तिवारी के अनुसार, सूचना मिलते ही लेमरू और घटकेसर थाना पुलिस को मौके के लिए रवाना किया गया। एसडीआरएफ की टीम भी रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि तेज बारिश के दौरान झरनों, नदियों और नालों के पास जाने से बचें। बारिश में जलस्तर अचानक बढ़ने से ऐसी जगहों पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।













