
छत्तीसगढ़ की खेल अकादमियों में स्टाफ की कमी, खाली पदों से खिलाड़ियों की ट्रेनिंग प्रभावित
रायपुर। छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए संचालित खेल अकादमियों में स्टाफ की कमी बड़ी चुनौती बन गई है। कई अकादमियों में प्रशिक्षकों समेत विभिन्न विभागों के पद लंबे समय से रिक्त हैं। इसका सीधा असर खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और उनकी तैयारियों पर पड़ रहा है।
खेल अकादमियों का उद्देश्य खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर उन्हें राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है। लेकिन पर्याप्त प्रशिक्षक और जरूरी स्टाफ नहीं होने से प्रशिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
अकादमियों में खिलाड़ियों की संख्या के अनुपात में प्रशिक्षकों और अन्य जरूरी कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है। विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की कमी के कारण खिलाड़ियों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिलने में परेशानी हो रही है।
छत्तीसगढ़ में खेल अधोसंरचना और अकादमियों के विस्तार पर लगातार जोर दिया गया है। ऐसे में खाली पदों को भरना और अकादमियों में पर्याप्त प्रशिक्षक व सहयोगी स्टाफ उपलब्ध कराना जरूरी माना जा रहा है, ताकि खेल प्रतिभाओं को बेहतर अवसर मिल सकें और राज्य के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें।













