86 दिन की देरी पर हाईकोर्ट सख्त, जेल विभाग की रिट अपील खारिज
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 86 दिन की देरी से दायर की गई जेल विभाग की रिट अपील को खारिज करते हुए राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि सरकारी विभागों से अपेक्षा की जाती है कि वे मामलों में समयबद्ध और जिम्मेदारी के साथ कार्रवाई करें। केवल प्रशासनिक प्रक्रिया या औपचारिकताओं का हवाला देकर देरी को उचित नहीं ठहराया जा सकता।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि विलंब माफी (Condonation of Delay) कोई अधिकार नहीं, बल्कि अपवाद है। यदि देरी के पीछे ठोस और संतोषजनक कारण नहीं हैं, तो अदालत उसे स्वीकार नहीं कर सकती। इस मामले में जेल विभाग 86 दिन की देरी का संतोषजनक कारण प्रस्तुत करने में असफल रहा, जिसके चलते रिट अपील खारिज कर दी गई।
अदालत ने यह भी कहा कि सरकारी विभागों को निजी पक्षकारों की तुलना में कोई विशेष छूट नहीं दी जा सकती और सभी के लिए कानून समान रूप से लागू होता है। इस टिप्पणी के साथ हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की अपील निरस्त कर दी।













