Home / छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ में बाढ़ का कहर: बस्तर की 300 से ज्यादा बस्तियां प्रभावित, 6 हजार लोग राहत शिविरों में शिफ्ट; सेना के हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू

छत्तीसगढ़ में बाढ़ का कहर: बस्तर की 300 से ज्यादा बस्तियां प्रभावित, 6 हजार लोग राहत शिविरों में शिफ्ट; सेना के हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू

छत्तीसगढ़ में बाढ़ का कहर: बस्तर की 300 से ज्यादा बस्तियां प्रभावित, 6 हजार लोग राहत शिविरों में शिफ्ट; सेना के हेलीकॉप्टर से रेस्क्यूजगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में लगातार हुई भारी बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। जगदलपुर शहर और बस्तर जिले के ग्रामीण इलाकों में 300 से अधिक बस्तियां बाढ़ से प्रभावित हुई हैं। प्रशासन ने अब तक 6 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया है। वहीं, बाढ़ में फंसे लोगों के रेस्क्यू के लिए सेना के हेलीकॉप्टर की मदद ली जा रही है। डोंगा घाट में हेलीकॉप्टर से रेस्क्यूजगदलपुर शहर से लगे डोंगा घाट क्षेत्र में बाढ़ का पानी भर जाने के कारण कई लोग फंस गए हैं। रविवार सुबह करीब 7:30 बजे सेना का हेलीकॉप्टर क्षेत्र में भेजा गया। हेलीकॉप्टर की मदद से बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का अभियान चलाया जा रहा है। इंद्रावती नदी खतरे के निशान से 4 मीटर ऊपरबाढ़ की स्थिति का सबसे बड़ा कारण इंद्रावती नदी का बढ़ा हुआ जलस्तर है। रिपोर्ट के मुताबिक, रात करीब 2 बजे इंद्रावती नदी का जलस्तर 12.46 मीटर तक पहुंच गया था। यह नदी के 8.30 मीटर के खतरे के निशान से चार मीटर से ज्यादा ऊपर था।हालांकि इसके बाद नदी का जलस्तर कम होना शुरू हुआ है, लेकिन निचले इलाकों में अभी भी बाढ़ का खतरा बना हुआ है। दो दिन में कम हो सकता है बाढ़ का पानीजल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार यदि क्षेत्र में अब आगे भारी बारिश नहीं होती है, तो बाढ़ का पानी पूरी तरह उतरने में करीब दो दिन का समय लग सकता है। प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। मौसम में सुधार के संकेतमौसम विभाग के अनुसार 27 सितंबर को छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात की भी संभावना है। हालांकि अगले दो दिनों में बारिश की तीव्रता और इसके फैलाव में कमी आने के संकेत हैं। प्रशासन की राहत और बचाव पर नजरबस्तर में लगातार बारिश और नदियों के उफान से निचले इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। राहत शिविरों में पहुंचाए गए लोगों के लिए प्रशासन की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। वहीं, जिन इलाकों में सड़क मार्ग से पहुंचना मुश्किल है, वहां बचाव अभियान के लिए हेलीकॉप्टर समेत अन्य संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।फिलहाल इंद्रावती नदी का जलस्तर घटने से कुछ राहत के संकेत मिले हैं, लेकिन नदी के आसपास और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत बनी हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जाने आज का राशि फल