
रायपुर में 50 करोड़ की रंगदारी का मामला, पुलिस जांच में जुटी; होटल के Wi-Fi और कॉल कनेक्शन खंगाले जा रहेरायपुर। राजधानी रायपुर में पूर्व महापौर एजाज ढेबर से 50 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और धमकी देने के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। विदेशी नंबरों से आए धमकी भरे कॉल की तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कॉल करने वाला वास्तव में किसी आपराधिक गिरोह से जुड़ा है या कुख्यात गैंग के नाम का इस्तेमाल कर डराने और वसूली की कोशिश की गई। तीन से चार दिनों में आए कई कॉलजानकारी के अनुसार, एजाज ढेबर को तीन से चार दिनों के दौरान अलग-अलग विदेशी नंबरों से कॉल किए गए। कॉल करने वाले ने 50 करोड़ रुपये की मांग की और रकम नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। एक कॉल में खुद को लारेंस बिश्नोई और अमन साव गैंग से जुड़ा बताया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए ढेबर ने पुलिस से शिकायत की। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।होटल के Wi-Fi कनेक्शन की भी जांचपुलिस अब उन तकनीकी कड़ियों को जोड़ने में जुटी है, जिनके जरिए धमकी भरे कॉल किए गए। जांच में मोबाइल नंबर, कॉल डिटेल, संभावित लोकेशन और इंटरनेट कॉलिंग से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कॉल के लिए किसी होटल या अन्य स्थान के Wi-Fi नेटवर्क का इस्तेमाल तो नहीं हुआ।जांच एजेंसियां कॉल के दौरान इस्तेमाल हुए डिजिटल नेटवर्क और कनेक्शन की जानकारी जुटाकर कॉल करने वाले तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।असली गैंग कनेक्शन या सिर्फ नाम का इस्तेमाल?पुलिस के सामने अहम सवाल यह है कि 50 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने वाला व्यक्ति वास्तव में बिश्नोई या अमन साव गैंग से जुड़ा है या उसने इन नामों का इस्तेमाल सिर्फ धमकी देने के लिए किया।पुलिस इस मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की पहचान और कॉल के वास्तविक स्रोत का पता चलने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी। पुलिस ने शुरू की तकनीकी जांचपुलिस टीम कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही ढेबर परिवार से जुड़े लोगों से भी जानकारी ली जा रही है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि धमकी के पीछे कोई स्थानीय व्यक्ति, व्यक्तिगत विवाद या संगठित अपराध से जुड़ा नेटवर्क तो नहीं है। फिलहाल आरोपी की पहचान सामने नहीं आई है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही धमकी देने वाले व्यक्ति और उसके नेटवर्क के संबंध में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।












