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सरगुजा में करंट की चपेट में आने से हाथी के बच्चे की मौत, अलकापुरी गांव में रातभर गूंजती रही चिंघाड़

सरगुजा में करंट की चपेट में आने से हाथी के बच्चे की मौत, अलकापुरी गांव में रातभर गूंजती रही चिंघाड़अंबिकापुर। सरगुजा जिले के उदयपुर वन परिक्षेत्र में झटका तार की चपेट में आने से हाथी के एक बच्चे की मौत हो गई। घटना बुधवार रात करीब 10 बजे अलकापुरी जंगल क्षेत्र की बताई जा रही है। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। जानकारी के अनुसार, पिछले कई दिनों से उदयपुर क्षेत्र में हाथियों का दल विचरण कर रहा है। पहले इस दल में करीब 15 हाथी थे, लेकिन कोरिया जिले की ओर से 12 और हाथियों के आने के बाद संख्या बढ़कर करीब 27 हो गई है। हाथियों के दल से आसपास के खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचने की भी जानकारी सामने आई है। झटका तार में फंसने से हुई मौतहाथियों से फसल बचाने के लिए अलकापुरी क्षेत्र में खेतों के आसपास एक किलोमीटर से अधिक दूरी तक झटका तार लगाया गया था। बुधवार रात हाथियों के दल के साथ चल रहा एक बच्चा इसी तार में उलझ गया। तार उसकी सूंड और पैर में फंस गया, जिसके कारण वह लगातार करंट की चपेट में रहा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया गया है कि जिस खेत के आसपास झटका तार लगाया गया था, वह झिरमिटी सरपंच चंदन एक्का के परिवार की भूमि है। वन विभाग ने खेत मालिक की पहचान कर ली है और मामले में नियमों के तहत कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। हाथियों की चिंघाड़ से दहशत में ग्रामीणहाथी के बच्चे की मौत के बाद उसके साथ मौजूद हाथियों ने पूरी रात चिंघाड़ लगाई। रात करीब 10 बजे के बाद लगातार हाथियों की आवाज से अलकापुरी मोहल्ले में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों के अनुसार, कई लोग डर के कारण पूरी रात घरों के अंदर ही रहे। वन विभाग ने शुरू की जांचवन विभाग ने हाथी के बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि झटका तार किसने, किस तरीके से और कितनी क्षमता का लगाया था। जांच में यदि नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है। क्या है झटका तार?झटका तार या सोलर फेंसिंग का इस्तेमाल किसान जंगली जानवरों से फसल बचाने के लिए करते हैं। इसमें सौर ऊर्जा और बैटरी के माध्यम से तार में विद्युत प्रवाह किया जाता है। सामान्य स्थिति में तार छूने पर झटका लगता है, लेकिन इसमें उलझ जाने पर यह जानलेवा साबित हो सकता है।

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