
CGPSC: 265 पदों के लिए 795 की जगह 608 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू में बुलाने पर उठे सवाल, निष्पक्ष जांच की मांगकोरबा। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की राज्य सेवा परीक्षा 2025 की चयन प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर सवाल उठाए गए हैं। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि 265 पदों के लिए निर्धारित 1:3 के अनुपात के अनुसार 795 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाना था, लेकिन आयोग ने केवल 608 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए पात्र माना। इस तरह 187 अभ्यर्थी साक्षात्कार की प्रक्रिया से बाहर हो गए। 795 की जगह 608 अभ्यर्थियों के चयन पर सवालपूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि यदि 187 अभ्यर्थियों ने निर्धारित न्यूनतम अंक हासिल नहीं किए थे, तो आयोग को उनके प्राप्तांक सार्वजनिक करने चाहिए। उन्होंने मांग की कि यह स्पष्ट किया जाए कि इन अभ्यर्थियों को किस आधार पर साक्षात्कार से बाहर किया गया।CGPSC राज्य सेवा परीक्षा 2025 के तहत 20 विभागों में कुल 265 पदों पर भर्ती की जानी है। लिखित परीक्षा के आधार पर कुल 608 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। इंटरव्यू 21 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किए जाने हैं। उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन पर भी सवालअग्रवाल ने मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने दो अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि एक प्रश्न में दोनों ने कथित तौर पर एक जैसा उत्तर लिखा, लेकिन एक अभ्यर्थी को दो अंक और दूसरे को शून्य अंक दिए गए।उन्होंने माता राजिम, घरेलू हिंसा और बौद्ध धर्म के महापरिनिर्वाण से जुड़े प्रश्नों के मूल्यांकन में भी अलग-अलग अंक दिए जाने का दावा किया। उनके मुताबिक, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में ऐसी असमानता की स्थिति में आयोग को पूरी प्रक्रिया को स्पष्ट करना चाहिए। सभी अभ्यर्थियों के अंक सार्वजनिक करने की मांगपूर्व मंत्री ने CGPSC से परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों के प्राप्तांक सार्वजनिक करने और मूल्यांकन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़ी संख्या में युवा सरकारी नौकरी की तैयारी करते हैं, इसलिए चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है।आंदोलन की चेतावनीमामले को लेकर निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए अग्रवाल ने कहा कि युवाओं के हित में कांग्रेस प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने परीक्षा, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और इंटरव्यू के लिए चयन की प्रक्रिया को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करने की मांग की है। नोट: 795 की जगह 608 अभ्यर्थियों को बुलाने और मूल्यांकन में असमानता से जुड़े आरोप पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल द्वारा लगाए गए हैं; इन्हें आरोप/दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।












