शीर्षक: IIIT प्रोफेसर साइबर ठगी के शिकार, बिना OTP खाते में जुड़ा फर्जी बेनिफिशियरी, लाखों की रकम पार
रायपुर। साइबर अपराधियों ने एक बार फिर बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए IIIT के एक प्रोफेसर को ठगी का शिकार बना लिया। प्रोफेसर के बैंक खाते में बिना किसी OTP सत्यापन के एक फर्जी बेनिफिशियरी जोड़ दिया गया और उसके माध्यम से लाखों रुपये की रकम दूसरे खाते में ट्रांसफर कर ली गई।
पीड़ित प्रोफेसर को जब खाते से रकम निकलने की जानकारी मिली तो उन्होंने तत्काल बैंक और साइबर पुलिस से संपर्क किया। शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि साइबर ठगों ने तकनीकी तरीके से खाते की जानकारी हासिल कर फर्जी बेनिफिशियरी जोड़ने के बाद कई ट्रांजेक्शन किए।
साइबर पुलिस मामले की तकनीकी जांच कर रही है और ट्रांजेक्शन से जुड़े खातों की जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे बैंकिंग संबंधी किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन को सूचना दें तथा अपने खाते की नियमित निगरानी करते रहें।
पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।













