दस्तावेजों की जांच किए बिना सरकारी भवन तोड़ने की अनुमति, हाईकोर्ट ने आदेश पर लगाई रोक
बिलासपुर में एक सरकारी भवन को दस्तावेजों की समुचित जांच किए बिना ध्वस्त करने की अनुमति देने का मामला सामने आया है। इस मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित आदेश पर रोक लगा दी और प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
याचिकाकर्ता ने अदालत में दलील दी कि भवन को तोड़ने की अनुमति देने से पहले संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड का सत्यापन नहीं किया गया। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक दस्तावेजों की जांच किए बिना कार्रवाई की अनुमति देना उचित नहीं है।
अदालत ने कहा कि किसी भी भवन को ध्वस्त करने जैसी कार्रवाई से पहले सभी दस्तावेजों, स्वामित्व संबंधी रिकॉर्ड और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जाना आवश्यक है। हाईकोर्ट ने मामले की विस्तृत सुनवाई तक संबंधित आदेश के अमल पर रोक लगाते हुए प्रशासन से जवाब तलब किया है।
मामले की अगली सुनवाई में प्रशासन को यह स्पष्ट करना होगा कि भवन तोड़ने की अनुमति किन आधारों पर दी गई और दस्तावेजों की जांच क्यों नहीं की गई।यह खबर उपलब्ध रिपोर्ट के आधार पर पेशेवर समाचार शैली में तैयार की गई है।













