बिलासपुर पुलिस की लापरवाह जांच से अपराधियों को राहत, कई गंभीर आरोपी कोर्ट से बरी
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में पुलिस जांच की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। थानों में बैठकर गवाह तैयार करने और वैज्ञानिक व तकनीकी साक्ष्यों की अनदेखी करने की प्रवृत्ति अब अपराधियों के लिए सुरक्षा कवच बनती जा रही है। कमजोर जांच और अधूरे सबूतों के चलते कई संगीन मामलों के आरोपी अदालत से बरी हो चुके हैं।
जानकारी के अनुसार, कई मामलों में पुलिस ने घटनास्थल से जरूरी फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाने में लापरवाही बरती। इसके अलावा केस डायरी और गवाहों के बयान में विरोधाभास भी सामने आए। अदालत ने पर्याप्त और ठोस सबूत नहीं मिलने पर आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस की “शॉर्टकट जांच” न केवल न्याय प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है, बल्कि पीड़ितों का भरोसा भी कमजोर कर रही है। वहीं, पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच प्रणाली में सुधार और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की बात कही है।













