IPL के फर्जी टिकट बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश, दुर्ग के चार युवक लखनऊ में गिरफ्तार
लखनऊ पुलिस ने आईपीएल मैच के फर्जी टिकट बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के चार युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर आरोप है कि वे चैटजीपीटी और डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर की मदद से हूबहू असली जैसे नकली आईपीएल टिकट तैयार कर स्टेडियम के बाहर बेच रहे थे।
पुलिस के अनुसार आरोपी सोशल मीडिया से असली टिकटों की तस्वीरें जुटाते थे और फिर कोरल ड्रॉ सॉफ्टवेयर के जरिए उनकी डिजाइन कॉपी करते थे। टिकट की साइज, पेपर क्वालिटी और डिजाइन संबंधी जानकारी चैटजीपीटी की मदद से ली गई, ताकि टिकट पूरी तरह असली दिख सके। गिरोह 170-GSM पेपर पर टिकट प्रिंट कर क्रिकेट प्रेमियों को बेचता था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान श्रीकांत बोरकर, नूतन कुमार साहू, राजेंद्र चौधरी और विश्वजीत साहू के रूप में हुई है। इनमें से एक आरोपी 2D-3D डिजाइनिंग का काम करता था, जबकि बाकी सदस्य टिकट बेचने और ऑनलाइन भुगतान लेने का काम संभालते थे।
मामले का खुलासा तब हुआ जब जालौन निवासी एक युवक ने इकाना स्टेडियम के बाहर से टिकट खरीदने के बाद उसे फर्जी पाए जाने की शिकायत पुलिस से की। जांच में यूपीआई ट्रांजैक्शन के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची और संयुक्त कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नकली टिकट, लैपटॉप, मोबाइल फोन, पेपर शीट, एटीएम कार्ड और टिकट बनाने में इस्तेमाल किए गए उपकरण बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह दिल्ली समेत अन्य शहरों में भी फर्जी टिकट बेचने की कोशिश कर चुका था। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।













