रायपुर | भारतमाला मुआवजा घोटाला: अब हर खसरा नंबर की होगी जांच, दो टीमें गठित
छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में सामने आए भारतमाला परियोजना से जुड़े भूमि मुआवजा घोटाले की जांच अब और तेज कर दी गई है। मामले में गड़बड़ियों की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने हर खसरा नंबर की विस्तृत जांच करने का फैसला लिया है।
जानकारी के अनुसार, जांच को प्रभावी बनाने के लिए दो अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें जमीन से जुड़े दस्तावेज, मुआवजा वितरण और खसरा नंबरों में हुए बदलावों की बारीकी से पड़ताल करेंगी। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि किन खसरा नंबरों में हेरफेर कर अवैध रूप से अधिक मुआवजा लिया गया।
इस पूरे मामले में पहले भी सामने आया है कि जमीन के रिकॉर्ड में छेड़छाड़ कर मुआवजे की राशि को बढ़ाया गया। आरोप है कि राजस्व अधिकारियों, दलालों और अन्य लोगों की मिलीभगत से जमीन को कागजों में छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर अधिक भुगतान हासिल किया गया।
जांच एजेंसियों के अनुसार, फर्जी दस्तावेज, बैकडेट एंट्री और गलत नाम जोड़कर मुआवजा कई गुना बढ़ाया गया, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।
अब प्रशासन हर खसरा नंबर की अलग-अलग जांच कर वास्तविक मालिकाना हक, भूमि विभाजन और मुआवजा भुगतान की सच्चाई सामने लाने की कोशिश करेगा। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घोटाला भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक कॉरिडोर से जुड़ा है, जिसमें भूमि अधिग्रहण के दौरान बड़े स्तर पर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं।
सरकार अब इस घोटाले में पूरी पारदर्शिता के साथ जांच कर रही है। हर खसरा नंबर की जांच से यह उम्मीद जताई जा रही है कि पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा होगा और जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई होगी।













