
कांकेर में सांसद निधि के उपयोग की रफ्तार धीमी, विकास कार्यों के लिए स्वीकृत राशि का नहीं हो पा रहा पूरा इस्तेमाल
कांकेर। कांकेर लोकसभा क्षेत्र में सांसद निधि से स्वीकृत विकास कार्यों की प्रगति को लेकर स्थिति संतोषजनक नहीं है। सांसद निधि के उपयोग की रफ्तार धीमी होने के कारण कई विकास कार्य अब भी लंबित हैं। इससे क्षेत्र में स्वीकृत राशि का समय पर उपयोग नहीं हो पा रहा है और विकास कार्यों को पूरा करने में देरी हो रही है।
जानकारी के अनुसार, सांसद भोजराज नाग के कार्यकाल में क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में विकास कार्यों के लिए सांसद निधि से राशि स्वीकृत की गई है। इन निधियों से सड़क, सामुदायिक भवन, स्कूल, पेयजल, सार्वजनिक उपयोग की सुविधाओं सहित अलग-अलग तरह के विकास कार्य प्रस्तावित किए जाते हैं। हालांकि, स्वीकृत कार्यों को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रही है।
कई कार्य अब भी लंबित
सांसद निधि के तहत स्वीकृत राशि का समय पर उपयोग नहीं होने से कई प्रस्तावित कार्य लंबित हैं। इसका असर सीधे तौर पर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विकास गतिविधियों पर पड़ रहा है। कार्यों की स्वीकृति के बाद संबंधित एजेंसियों द्वारा निर्माण शुरू करने और उसे निर्धारित समय में पूरा करने की प्रक्रिया में तेजी लाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
सांसद निधि के बेहतर उपयोग पर जोर
सांसद निधि का उद्देश्य क्षेत्र की स्थानीय जरूरतों के अनुसार जरूरी बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों को पूरा करना है। ऐसे में निधि का धीमा उपयोग प्रशासनिक स्तर पर भी चिंता का विषय माना जा रहा है। स्वीकृत कार्यों की नियमित निगरानी और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय से लंबित कार्यों को गति दी जा सकती है।
कांकेर लोकसभा क्षेत्र में सांसद निधि के तहत स्वीकृत कार्यों की स्थिति और राशि के उपयोग की समीक्षा कर लंबित परियोजनाओं को जल्द पूरा करने की आवश्यकता है, ताकि विकास के लिए जारी राशि का लाभ समय पर आम लोगों तक पहुंच सके।













