
बिलासपुर में विमान सुरक्षा को लेकर उठे सवाल, हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने DGCA से की सख्त जांच की मांगबिलासपुर। बिलासा देवी केंवट एयरपोर्ट से संचालित एलायंस एयर की उड़ानों में कम समय के अंतराल में सामने आई दो गंभीर तकनीकी घटनाओं ने विमान सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इन घटनाओं के बाद हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने केंद्र सरकार और नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) से एलायंस एयर के पूरे विमान बेड़े की सघन तकनीकी जांच कराने की मांग की है। समिति ने कहा है कि जांच के बाद विमान को फिट-टू-फ्लाई प्रमाणपत्र मिलने पर ही उड़ान की अनुमति दी जानी चाहिए। कम समय में दो गंभीर तकनीकी घटनाएंसमिति के अनुसार, कुछ दिन पहले बिलासपुर से उड़ान भरने वाले एलायंस एयर के विमान में ब्रेक से जुड़ी गंभीर समस्या सामने आई थी। विमान को रोकने के लिए इमरजेंसी ब्रेक का इस्तेमाल करना पड़ा, जिसके बाद विमान का टायर फट गया। हालांकि इस घटना में यात्रियों को कोई नुकसान नहीं हुआ और विमान को सुरक्षित संभाल लिया गया।इस घटना के करीब दो सप्ताह के भीतर एक और मामला सामने आया। बिलासपुर से उड़ान भरने वाले एलायंस एयर के दूसरे विमान में दिल्ली के पास पहुंचने के दौरान इंजन से तेल लीक होने की गंभीर तकनीकी समस्या सामने आई। विमान को सुरक्षित उतार लिया गया और किसी यात्री की जान नहीं गई। समिति ने कहा- यात्रियों की सुरक्षा संयोग के भरोसे नहींहवाई सुविधा जन संघर्ष समिति का कहना है कि दोनों घटनाओं में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई, यह राहत की बात है। लेकिन लगातार सामने आ रही तकनीकी समस्याओं को केवल संयोग मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।समिति ने कहा कि बिलासपुर के लोगों ने लंबे संघर्ष के बाद हवाई सुविधा हासिल की है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। विमान में उड़ान से पहले तकनीकी जांच और रखरखाव की व्यवस्था को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। एलायंस एयर के पूरे बेड़े की जांच की मांगसमिति ने DGCA से एलायंस एयर के पूरे विमान बेड़े की गहन तकनीकी जांच कराने की मांग की है। समिति का कहना है कि सिर्फ संबंधित विमानों की जांच पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि कंपनी के अन्य विमानों की स्थिति की भी समीक्षा की जानी चाहिए।समिति ने मांग की है कि तकनीकी जांच पूरी होने और विमान के सुरक्षित होने की पुष्टि के बाद ही उन्हें उड़ान भरने की अनुमति दी जाए।अन्य एयरलाइंस को भी अवसर देने की मांगहवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने राज्य सरकार से बिलासपुर से ATR विमान सेवाओं के संचालन के लिए अन्य एयरलाइंस कंपनियों को भी अवसर देने की मांग दोहराई है। समिति ने ओपन टेंडर के माध्यम से एयरलाइंस का चयन करने की बात कही है।समिति के अनुसार, इंडिगो और फ्लाई91 जैसी कंपनियां भी ATR विमान संचालित करती हैं। यदि ऐसी कंपनियों को भी सेवा का अवसर मिलता है तो यात्रियों के पास विकल्प बढ़ेंगे और एयरलाइंस के बीच प्रतिस्पर्धा से सेवा की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है। सब्सिडी व्यवस्था में पारदर्शी निविदा की मांगसमिति ने एलायंस एयर को दी जा रही सब्सिडी व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इसके स्थान पर पारदर्शी निविदा प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। उसका तर्क है कि प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के जरिए ऐसी एयरलाइन का चयन किया जाए जो यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित हवाई सेवा उपलब्ध करा सके।महाधरना जारीइन मांगों को लेकर हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति का महाधरना भी जारी है। समिति के सदस्यों ने विमान सुरक्षा के मुद्दे पर केंद्र सरकार और DGCA से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। मुख्य मांगें:एलायंस एयर के पूरे विमान बेड़े की तकनीकी जांच।जांच के बाद ही फिट-टू-फ्लाई प्रमाणपत्र जारी किया जाए।यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।बिलासपुर से अन्य ATR संचालक कंपनियों को भी अवसर मिले।एयरलाइन चयन और सब्सिडी के लिए पारदर्शी ओपन टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाए।












