
भिलाई में 11 बौद्ध भिक्खुनियों ने एक साथ लिया देहदान का संकल्प, चिकित्सा शिक्षा के लिए सौंपी वसीयतभिलाई। सेक्टर-6 स्थित बाबासाहेब डॉ. आंबेडकर सांस्कृतिक भवन में भिक्खुनी संघ स्थापना दिवस के अवसर पर मानव सेवा और करुणा की अनूठी मिसाल सामने आई। कार्यक्रम में 11 बौद्ध भिक्खुनियों ने एक साथ देहदान का संकल्प लेते हुए अपनी देह चिकित्सा शिक्षा के लिए दान करने की वसीयत चंदूलाल चंद्राकर स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, दुर्ग को सौंपी।आयोजकों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में भिक्खुनी संघ स्थापना दिवस के अवसर पर एक साथ 11 भिक्खुनियों द्वारा देहदान का संकल्प लेने की यह पहली पहल है। इस कदम का उद्देश्य मेडिकल विद्यार्थियों की शिक्षा और प्रशिक्षण में सहयोग करना है।कार्यक्रम का आयोजन भारतीय बौद्ध महासभा भिलाई, ऑल इंडिया भिक्खुनी संघ और महाप्रजापती गौतमी एजुकेशनल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। महामानव मल्टीपर्पस सोसायटी के अध्यक्ष आशीष चौहान और देहदान प्रभारी डॉ. संजय वालवांद्रे की प्रेरणा एवं काउंसलिंग के बाद भिक्खुनियों ने देहदान की वसीयत सौंपी।देहदान का संकल्प लेने वालों में भंते समृद्धी, भंते विमुक्ति, भंते कल्याण बोधि, भंते सुगति, भंते पंचशीला, भंते धम्म सिद्धी, भंते उत्तरा मेत्ता, भंते धम्म मित्रा, भंते रमाई, भंते संघमित्रा और भंते विज्जति भिक्खुनी शामिल हैं।मानव कल्याण का संदेशआयोजकों ने बताया कि भिक्खुनियों ने देहदान के माध्यम से मानव कल्याण और चिकित्सा शिक्षा में योगदान देने का संदेश दिया। इस पहल को बौद्ध दर्शन के ‘बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय’ के सिद्धांत से भी जोड़ा गया।पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में स्वास्थ्य जांचकार्यक्रम के साथ पांच दिवसीय सिक्खामना भिक्खुनी प्रशिक्षण शिविर का भी आयोजन किया गया। इस दौरान महामानव मल्टीपर्पस सोसायटी की ओर से निश्शुल्क स्वास्थ्य और नेत्र परीक्षण किया गया। जरूरतमंद लोगों को चश्मे और दवाओं का वितरण भी किया गया।आयोजकों के मुताबिक, देहदान की यह पहल चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ समाज में मानव सेवा, करुणा और जनकल्याण की भावना को बढ़ावा देने का संदेश देती है।












