कोरबा। देश की आजादी की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर 15 अगस्त 2026 को होने वाले मुख्य समारोह से पहले देशभर में तिरंगा यात्राओं का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में कोरबा जिले के बालको क्षेत्र में भी भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा का उद्देश्य लोगों में राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत करना और तिरंगे के प्रति सम्मान का संदेश देना था।
बालको क्षेत्र में आयोजित इस तिरंगा यात्रा की अगुवाई नगर पालिक निगम के पार्षद एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष हितानंद अग्रवाल ने की। उनके साथ बालको मंडल अध्यक्ष डिलेंद्र यादव, वरिष्ठ नेत्री मंजू सिंह सहित कई भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। भारत माता के जयकारों के बीच यात्रा बालको के विभिन्न गली-मोहल्लों से होकर आगे बढ़ी।
हालांकि, यात्रा के दौरान एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने पूरे आयोजन पर सवाल खड़े कर दिए। यात्रा में सबसे आगे चल रहे पूर्व नेता प्रतिपक्ष हितानंद अग्रवाल के हाथ में मौजूद तिरंगा ध्वज उल्टा दिखाई दिया। इतना ही नहीं, उनके पीछे चल रहे कुछ अन्य लोगों के हाथों में भी तिरंगे उल्टे नजर आए। इस तरह पूरी यात्रा के दौरान कई स्थानों पर तिरंगा उल्टी दिशा में दिखाई देता रहा।
बताया जा रहा है कि यात्रा से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी साझा किए गए थे। बाद में जब तिरंगा उल्टा होने की बात सामने आई तो सोशल मीडिया से कई तस्वीरें और वीडियो हटाए जाने की चर्चा शुरू हो गई। इसके बाद स्थानीय स्तर पर इस पूरे मामले को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
लोगों का सवाल है कि जिस तिरंगे को देश की आन-बान और शान का प्रतीक माना जाता है, उसे लेकर आयोजित यात्रा में ध्वज की सही दिशा पर ध्यान क्यों नहीं दिया गया? खासकर तब, जब यात्रा में पार्टी के वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी भी मौजूद थे।
- अब चर्चा इस बात की भी है कि क्या इसे महज मानवीय भूल मानकर मामले को नजरअंदाज कर दिया जाएगा या फिर तिरंगा यात्रा में हुई इस चूक को लेकर जिला संगठन और तिरंगा यात्रा से जुड़े जिम्मेदार पदाधिकारी कोई जवाब देंगे। फिलहाल, बालको क्षेत्र में हुई इस तिरंगा यात्रा के दौरान उल्टे ध्वज की तस्वीरें चर्चा का विषय बनी हुई हैं।














