
बस्तर में भारी बारिश से बाढ़ का खतरा, नारायणपाल गांव में बढ़ा संकट; इंद्रावती उफान पर, स्कूल बंदबस्तर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में लगातार पांच दिनों से हो रही भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। बारिश के कारण जिले में इस साल की सबसे बड़ी बाढ़ की स्थिति बनती दिखाई दे रही है। ग्राम पंचायत आड़ावाल के आश्रित ग्राम नारायणपाल में बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ रहा है। जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो गांव के डूबने की आशंका जताई गई है। इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ालगातार बारिश के चलते इंद्रावती नदी उफान पर है। नदी के आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। इससे पहले ओडिशा के खाटीगुड़ा क्षेत्र में स्थित इंद्रावती बांध का गेट खोले जाने के बाद नदी में पानी का प्रवाह बढ़ने की जानकारी सामने आई थी। प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में विशेष निगरानी बढ़ा दी है। नारायणपाल में बढ़ रहा पानीनारायणपाल गांव इंद्रावती और नारंगी नदियों के आसपास स्थित है। लगातार बारिश के कारण यहां पानी तेजी से बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों में गांव में बाढ़ आने को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। 25 सितंबर को जिले के सभी स्कूल बंदबाढ़ और बारिश की स्थिति को देखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए 25 सितंबर को बस्तर जिले के सभी शासकीय, निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। लगातार बारिश के कारण 24 सितंबर को भी स्कूल बंद रहे थे। त्रैमासिक परीक्षा को लेकर अलग से निर्देश जारी किए जाने की बात कही गई है। पुल-पुलियों पर बैरिकेडिंग, प्रशासन अलर्टजिला प्रशासन ने SDM, तहसीलदारों और होमगार्ड अधिकारियों को मैदान में रहकर हालात पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। नदी और निचले इलाकों में मुनादी कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। जलमग्न होने की आशंका वाले रपटों और पुल-पुलियों पर बैरिकेडिंग कर निगरानी दल तैनात किए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से उफनती नदियों, नालों और रपटों को पार नहीं करने की अपील की है। ट्रेन और फ्लाइट सेवा भी प्रभावितभारी बारिश के कारण रेलवे ट्रैक पर भूस्खलन की स्थिति बनी है। इसके चलते किरंदुल-विशाखापट्टनम मार्ग की दो ट्रेनों को रद्द किया गया है। खराब मौसम के कारण जगदलपुर-हैदराबाद फ्लाइट भी रद्द किए जाने की जानकारी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन और आपदा नियंत्रण तंत्र से संपर्क करें।












