मामले में दो मुख्य आरोपियों के साथ तीन अन्य सह-आरोपियों की संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस ने सभी के खिलाफ कार्रवाई की। प्रकरण में दुष्कर्म समेत अन्य गंभीर आरोप भी शामिल हैं।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS), पॉक्सो एक्ट (POCSO) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया। इसके बाद पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
बताया जा रहा है कि यह मामला 13 अक्टूबर को बसना थाने में हुए हंगामे के बाद चर्चा में आया था। पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार के निर्देशन में मामले की जांच और कार्रवाई की गई।फिलहाल पुलिस शिकायत, उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। नाबालिग की पहचान और उसकी निजता को ध्यान में रखते हुए संबंधित व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।













