
अंबिकापुर छात्रा आत्महत्या मामला: NSUI नेता गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा जेल; कांग्रेस ने पद और पार्टी से किया निलंबितअंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी NSUI नेता ज्ञान प्रकाश तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने सोमवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। आरोपी संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के NSUI प्रभाग का उपाध्यक्ष बताया गया है। छात्रा ने फांसी लगाकर की थी आत्महत्यामामला अंबिकापुर के गांधीनगर थाना क्षेत्र का है। 19 वर्षीय छात्रा राजीव गांधी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बीए प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। वह अपनी बहन और जीजा के घर रहकर पढ़ाई कर रही थी।परिजनों के अनुसार, 11 सितंबर को कॉलेज से लौटने के बाद छात्रा खाना खाकर अपने कमरे में चली गई थी। अगले दिन जब वह कमरे में नहीं मिली तो परिजनों ने तलाश शुरू की। बाद में उसका शव बाथरूम में फंदे से लटका मिला। निजी चैट और वीडियो के नाम पर ब्लैकमेल करने का आरोपछात्रा की सहेलियों और परिजनों ने NSUI नेता ज्ञान प्रकाश तिवारी पर गंभीर आरोप लगाए। आरोप है कि आरोपी के पास छात्रा की निजी चैट और वीडियो थे और इन्हें परिजनों को दिखाने की धमकी देकर छात्रा को कथित तौर पर ब्लैकमेल किया जा रहा था।छात्रा के जीजा की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने छात्रा का मोबाइल फोन भी जब्त किया है। गिरफ्तारी की मांग को लेकर हुआ प्रदर्शनघटना के बाद आरोपी की गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई थी। 12 सितंबर की रात अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं और मृतका के परिजनों ने गांधीनगर थाने के सामने प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।पुलिस के अनुसार, घटना के बाद आरोपी फरार था। इसके बाद 14 सितंबर को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। कांग्रेस ने भी लिया संगठनात्मक एक्शनमामले में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस ने भी कार्रवाई की है। सरगुजा कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने ज्ञान प्रकाश तिवारी को पार्टी और संगठन के पद से निलंबित कर दिया है।निलंबन पत्र में कहा गया है कि आरोपी के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामला दर्ज हुआ है और उसकी गतिविधियां पार्टी की नीतियों एवं आचरण के विपरीत हैं। उसे तीन दिन के भीतर संतोषजनक जवाब देने के लिए कहा गया है। जवाब संतोषजनक नहीं होने पर स्थायी निष्कासन की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। मोबाइल चैट की भी जांचपुलिस अब मामले से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में आरोपी और छात्रा के मोबाइल से कुछ चैट डिलीट होने की बात सामने आई है। पुलिस डिलीट चैट को रिकवर करने का प्रयास कर रही है, ताकि पूरे मामले की परिस्थितियों और आरोपों की सच्चाई सामने आ सके। फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में है और पुलिस मामले से जुड़े मोबाइल डेटा, चैट तथा अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।












