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सतना-चित्रकूट में बाढ़ ने मचाई तबाही: हजारों लोग फंसे, मंदाकिनी और शरभंग उफान पर; कई रास्ते और रेलवे ट्रैक प्रभावित

सतना-चित्रकूट में बाढ़ ने मचाई तबाही: हजारों लोग फंसे, मंदाकिनी और शरभंग उफान पर; कई रास्ते और रेलवे ट्रैक प्रभावित

 

सतना/चित्रकूट। मध्य प्रदेश के सतना और उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में लगातार बारिश के बाद बाढ़ ने गंभीर हालात पैदा कर दिए हैं। मंदाकिनी, शरभंग, बरदहा और वाल्मीकि समेत कई नदियां उफान पर हैं। कई इलाकों में घरों, दुकानों और मंदिरों में पानी घुस गया है, जबकि सड़क और रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है।

 

मंदाकिनी ने तोड़ा 23 साल का रिकॉर्ड

 

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बेहद तेजी से बढ़ा। रिपोर्टों के अनुसार नदी ने करीब 23 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। रामघाट और आसपास के इलाके बाढ़ के पानी से घिर गए। कई मकान और होटल पानी की चपेट में आ गए, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा।

 

हजारों लोग प्रभावित, रेस्क्यू अभियान जारी

 

बाढ़ के कारण चित्रकूट के कई हिस्सों में लोग घंटों तक फंसे रहे। प्रशासन और राहत दलों ने नावों और अन्य संसाधनों की मदद से लोगों को सुरक्षित निकालना शुरू किया। कुछ स्थानों पर हेलीकॉप्टर से भी रेस्क्यू अभियान चलाया गया। प्रशासन ने प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविरों में भोजन और चिकित्सा की व्यवस्था की है।

 

सड़क और पुलों पर भी असर

 

बाढ़ के तेज बहाव से कई सड़क मार्ग प्रभावित हुए हैं। सतना-चित्रकूट मार्ग समेत कुछ रास्तों पर आवागमन रोकना पड़ा। कई जगह पुल और सड़क के हिस्से क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच आवाजाही प्रभावित हुई है।

 

रेलवे ट्रैक पर पानी, कई ट्रेनें प्रभावित

 

सतना जिले के कुछ हिस्सों में रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से रेल यातायात भी बाधित हुआ। सतना-मानिकपुर रेलखंड पर पानी आने के कारण कई यात्री और मालगाड़ियों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा। स्थिति का निरीक्षण करने के बाद रेल परिचालन को नियंत्रित गति के साथ शुरू किया गया।

 

मुख्यमंत्री ने बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की

 

बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रीवा पहुंचकर अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज किए गए हैं। मुख्यमंत्री के चित्रकूट पहुंचकर जमीनी स्थिति का जायजा लेने की भी जानकारी सामने आई है।

 

फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना और प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाना है। मंदाकिनी का जलस्तर कुछ क्षेत्रों में घटने के संकेत मिले हैं, हालांकि कई इलाकों में हालात अभी भी चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।

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