हर महीने चार दिन डिजिटल व्रत रखकर महिलाओं को प्रेरित कर रहीं रायपुर की योग शिक्षिका
रायपुर। मोबाइल और इंटरनेट की बढ़ती निर्भरता के दौर में रायपुर की 55 वर्षीय योग शिक्षिका अंजना पिथालिया पिछले पांच वर्षों से हर महीने चार दिन का ‘डिजिटल व्रत’ रख रही हैं। इस दौरान वह मोबाइल, सोशल मीडिया और इंटरनेट से पूरी तरह दूरी बनाकर योग, ध्यान और आत्मचिंतन पर ध्यान देती हैं।
अंजना पिथालिया का मानना है कि डिजिटल दुनिया से कुछ समय की दूरी मानसिक शांति, एकाग्रता और पारिवारिक रिश्तों को मजबूत बनाने में मदद करती है। वह योग के माध्यम से महिलाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और डिजिटल संतुलन बनाए रखने के लिए भी प्रेरित कर रही हैं।
उनका कहना है कि डिजिटल व्रत से तनाव कम होता है, मन शांत रहता है और व्यक्ति खुद के लिए समय निकाल पाता है। उनकी इस पहल से कई महिलाएं भी प्रेरित होकर नियमित योग और सीमित डिजिटल उपयोग की आदत अपना रही हैं।













