मानसून में ट्रेनों की रफ्तार नहीं होगी प्रभावित, रेलवे अपनाएगा आधुनिक डिस्कनेक्टर और थर्मोविजन तकनीक
रायपुर। मानसून के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से ट्रेनों के संचालन पर पड़ने वाले असर को कम करने के लिए भारतीय रेलवे आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने जा रहा है। रेलवे अब डिस्कनेक्टर असेंबली सिस्टम वाले अत्याधुनिक लाइटनिंग अरेस्टर और थर्मोविजन कैमरों की मदद से बिजली उपकरणों की निगरानी करेगा।
नई तकनीक के तहत यदि किसी उपकरण पर बिजली गिरने से खराबी आती है, तो डिस्कनेक्टर असेंबली उसे तुरंत मुख्य विद्युत लाइन से अलग कर देगी। इससे बाकी सिस्टम सामान्य रूप से काम करता रहेगा और ट्रेनों का संचालन प्रभावित नहीं होगा।
वहीं, थर्मोविजन कैमरों के जरिए ओवरहेड इलेक्ट्रिक उपकरणों और ट्रैक्शन सिस्टम के तापमान की लगातार निगरानी की जाएगी। किसी भी उपकरण के अधिक गर्म होने या खराबी के संकेत मिलने पर समय रहते मरम्मत की जा सकेगी, जिससे तकनीकी खराबियों और ट्रेन विलंब की संभावना कम होगी।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इन आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से मानसून के दौरान ट्रेनों का संचालन अधिक सुरक्षित और सुचारु रहेगा तथा यात्रियों को अनावश्यक देरी का सामना नहीं करना पड़ेगा।













