
बीजापुर में शिक्षा की लौ फिर जली, माओवादी हिंसा के दो दशक बाद 37 स्कूलों में फिर गूंजी बच्चों की किलकारियां
बीजापुर। माओवादी हिंसा से वर्षों तक बंद रहे बीजापुर जिले के 37 स्कूलों में एक बार फिर पढ़ाई शुरू हो गई है। करीब दो दशक बाद इन स्कूलों के खुलने से दूरस्थ और नक्सल प्रभावित गांवों के बच्चों को अपने ही गांव के आसपास शिक्षा का अवसर मिला है।
इन स्कूलों के बंद होने से हजारों बच्चे शिक्षा से वंचित हो गए थे या उन्हें दूर के आवासीय स्कूलों में पढ़ाई के लिए जाना पड़ता था। अब प्रशासन ने स्थानीय समुदाय के सहयोग से स्कूलों को दोबारा शुरू किया है और शिक्षकों के साथ स्थानीय शिक्षा दूतों की भी नियुक्ति की गई है, ताकि बच्चों की नियमित पढ़ाई सुनिश्चित हो सके।
प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं में सुधार के बाद शिक्षा व्यवस्था को फिर से मजबूत करने की दिशा में यह बड़ा कदम है। आने वाले समय में जरूरत के अनुसार अन्य बंद स्कूलों को भी चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की योजना है।













