
मुंगेली पुलिस की नई पहल: अब जब्त सामान का बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड, ई-मालखाना सिस्टम शुरू
जरहागांव और फास्टरपुर थानों से हुई शुरुआत, बारकोड से होगी केस प्रापर्टी की पहचान और ट्रैकिंग
मुंगेली, 28 अगस्त 2026। पुलिस थानों में जब्त की गई केस प्रापर्टी के रखरखाव और रिकॉर्ड प्रबंधन को आधुनिक बनाने की दिशा में मुंगेली पुलिस ने महत्वपूर्ण पहल की है। बिलासपुर रेंज में पहली बार मुंगेली जिले के दो थानों—जरहागांव और फास्टरपुर—में ‘ई-मालखाना मैनेजमेंट सिस्टम’ की शुरुआत की गई है। इस डिजिटल व्यवस्था के लागू होने के बाद विभिन्न अपराधों, मर्ग एवं अन्य प्रकरणों में जब्त की गई सामग्री का रिकॉर्ड डिजिटल माध्यम से सुरक्षित और व्यवस्थित रखा जाएगा।
बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री रामगोपाल गर्ग (भा.पु.से.) ने 27 अगस्त को थाना जरहागांव एवं फास्टरपुर पहुंचकर इस नई व्यवस्था का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने ई-मालखाना सिस्टम की कार्यप्रणाली का जायजा लिया और पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तकनीक आधारित रिकॉर्ड प्रबंधन के महत्व के बारे में जानकारी दी।
हर जब्त सामग्री को मिलेगा यूनिक बारकोड
ई-मालखाना मैनेजमेंट सिस्टम की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि मालखाने में रखी प्रत्येक जब्त सामग्री को एक यूनिक बारकोड प्रदान किया जाएगा। इस बारकोड के माध्यम से संबंधित केस प्रापर्टी की पहचान और उसके रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से देखा जा सकेगा।
किसी प्रकरण में जब्त की गई सामग्री की जानकारी आवश्यकता पड़ने पर बारकोड स्कैन करके कम समय में प्राप्त की जा सकेगी। इससे केस प्रापर्टी की पहचान, रिकॉर्ड और ट्रैकिंग की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है।
नकदी से लेकर वाहन और अन्य जब्त सामान का रिकॉर्ड
ई-मालखाना सिस्टम के अंतर्गत विभिन्न प्रकार की केस प्रापर्टी का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इसमें नकदी, वाहन, हथियार, एनडीपीएस एक्ट से संबंधित सामग्री, आबकारी एक्ट से संबंधित सामग्री सहित अन्य मामलों में जब्त सामान को शामिल किया जाएगा।
डिजिटल रिकॉर्ड में केस प्रापर्टी से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध रहने से अधिकारियों और कर्मचारियों को किसी विशेष प्रकरण की सामग्री के संबंध में जानकारी हासिल करने में सुविधा होगी।
पारंपरिक रिकॉर्ड व्यवस्था की चुनौतियां होंगी कम
पुलिस थानों में अलग-अलग मामलों में बड़ी संख्या में सामग्री जब्त होती है। लंबे समय तक मालखाने में रखी जाने वाली इन वस्तुओं का रिकॉर्ड पारंपरिक तरीके से व्यवस्थित रखना कई बार चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में ई-मालखाना सिस्टम से रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
नई व्यवस्था से केस प्रापर्टी के रखरखाव में पारदर्शिता, जवाबदेही और रिकॉर्ड की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है। साथ ही किसी सामग्री की जानकारी तलाशने में लगने वाला समय भी कम किया जा सकेगा।
तकनीक आधारित पुलिसिंग पर जोर
बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग ने कहा कि पुलिसिंग को तकनीक से जोड़ने के साथ-साथ लंबित कार्यों के त्वरित और व्यवस्थित निराकरण पर जोर दिया जा रहा है। ई-मालखाना मैनेजमेंट सिस्टम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। तकनीक के इस्तेमाल से पुलिस कार्यप्रणाली को अधिक आधुनिक, व्यवस्थित और जवाबदेह बनाने में मदद मिलेगी।
बिलासपुर संभाग में इस प्रणाली की शुरुआत मुंगेली जिले के थाना जरहागांव और फास्टरपुर से होना जिले की पुलिसिंग में तकनीकी बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
एसएसपी भोजराम पटेल के मार्गदर्शन में पहल
यह पूरी पहल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में की गई है। इसका उद्देश्य पुलिस की कार्यप्रणाली को अधिक आधुनिक और तकनीक आधारित बनाना है। आने वाले समय में इस तरह की डिजिटल व्यवस्था से केस प्रापर्टी के रिकॉर्ड को अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से संधारित करने में पुलिस को सहायता मिलने की उम्मीद है।
ई-मालखाना सिस्टम के माध्यम से अब जब्त सामान की पहचान और रिकॉर्ड केवल कागजी दस्तावेजों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध रहेगा। इससे पुलिस के मालखाना प्रबंधन में तकनीकी पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक नया अध्याय जुड़ गया है।













