
भिलाई-दुर्ग में निकाय चुनाव की तैयारी तेज, भाजपा ने संभाली कमान; कांग्रेस की रणनीति पर नजरभिलाई। दिसंबर 2026 में प्रस्तावित नगरीय निकाय चुनाव को लेकर भिलाई-दुर्ग अंचल में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। भिलाई, भिलाई-चरोदा और रिसाली नगर निगम में चुनावी तैयारियों को लेकर प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी ने तीनों नगर निगमों के लिए प्रभारियों की नियुक्ति कर संगठनात्मक तैयारियों को गति दी है।भाजपा की ओर से जिला और मंडल स्तर पर भी जिम्मेदारियां तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। पार्टी स्तर पर वार्डवार राजनीतिक समीकरण, संभावित प्रत्याशियों, बूथ स्तर की स्थिति और स्थानीय मुद्दों को लेकर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाई जा रही है। इसका उद्देश्य चुनाव से पहले संगठन को वार्ड स्तर तक मजबूत करना है।कांग्रेस की रणनीति पर नजरदूसरी ओर कांग्रेस की गतिविधियां फिलहाल सरकार और स्थानीय मुद्दों को लेकर होने वाले आंदोलनों तथा प्रदर्शनों पर अधिक केंद्रित दिखाई दे रही हैं। निकाय चुनाव को लेकर वार्ड स्तर की बैठकों और संभावित प्रत्याशियों की सक्रियता की तस्वीर अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में कांग्रेस की संगठनात्मक रणनीति पर राजनीतिक नजरें बनी रहेंगी।तीनों नगर निगमों में 150 वार्डदुर्ग जिले के भिलाई, भिलाई-चरोदा और रिसाली नगर निगम में कुल 150 वार्ड हैं। इनमें भिलाई नगर निगम में 70, जबकि भिलाई-चरोदा और रिसाली में 40-40 वार्ड हैं। सितंबर में इन सभी वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया भी पूरी की जा चुकी है।भिलाई के 70 वार्डों में आरक्षण के तहत 3 अनुसूचित जनजाति, 9 अनुसूचित जाति, 15 अन्य पिछड़ा वर्ग, 8 ओबीसी महिला, 11 सामान्य महिला और 24 सामान्य वार्ड निर्धारित किए गए हैं। आरक्षण की इस व्यवस्था से कई वार्डों में संभावित उम्मीदवारों के राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं।स्थानीय मुद्दे होंगे अहमनगरीय निकाय चुनाव में सड़क, नाली, सफाई, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, अतिक्रमण, संपत्ति कर और नगर निगम की कार्यप्रणाली जैसे स्थानीय मुद्दे महत्वपूर्ण रहेंगे। वार्ड स्तर पर नागरिकों से जुड़े इन मुद्दों को राजनीतिक दल अपनी चुनावी रणनीति में शामिल कर सकते हैं।भिलाई, भिलाई-चरोदा और रिसाली की परिस्थितियां भी अलग-अलग हैं। भिलाई में औद्योगिक क्षेत्र, टाउनशिप और श्रमिक बस्तियों से जुड़े मुद्दे महत्वपूर्ण हैं, जबकि रिसाली और भिलाई-चरोदा में शहरी विस्तार के साथ मूलभूत सुविधाओं से जुड़े विषय चुनावी चर्चा का हिस्सा बन सकते हैं।दिसंबर में प्रस्तावित चुनावछत्तीसगढ़ में दिसंबर 2026 में 15 नगरीय निकायों में आम चुनाव प्रस्तावित हैं। इनमें भिलाई, भिलाई-चरोदा, रिसाली और बीरगांव सहित चार नगर निगम शामिल हैं। राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा कर चुका है, जबकि आरक्षण से संबंधित प्रक्रिया भी आगे बढ़ चुकी है।भिलाई-दुर्ग क्षेत्र में अब चुनावी तैयारियां धीरे-धीरे तेज होने लगी हैं। भाजपा ने संगठनात्मक स्तर पर अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं, जबकि कांग्रेस की ओर से भी आने वाले समय में वार्डवार रणनीति और प्रत्याशियों को लेकर तस्वीर साफ होने की संभावना है।












