
स्टाइपेंड बढ़ने के बाद भी जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल जारी, 17 सूत्रीय मांगों पर अड़े; ओपीडी सेवाएं प्रभावितरायपुर। छत्तीसगढ़ में जूनियर डॉक्टरों का आंदोलन स्टाइपेंड बढ़ाए जाने के बाद भी जारी है। राज्य सरकार ने शासकीय मेडिकल कॉलेजों के MBBS इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया है। वहीं पीजी डॉक्टरों के स्टाइपेंड में भी करीब 26 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। इसके बावजूद जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि उनकी 17 सूत्रीय मांगों में केवल स्टाइपेंड ही एक मुद्दा है, जबकि कई अन्य मांगों पर अभी निर्णय होना बाकी है। ओपीडी में मरीजों की संख्या हुई कमजूनियर डॉक्टरों के आंदोलन के कारण रायपुर स्थित अंबेडकर अस्पताल और मेडिकल कॉलेज से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं। आंदोलन के दौरान ओपीडी में मरीजों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में करीब आधी रहने की बात सामने आई है। डॉक्टरों ने मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है। MBBS इंटर्न का स्टाइपेंड अब 25 हजार रुपयेचिकित्सा शिक्षा विभाग के आदेश के मुताबिक शासकीय मेडिकल कॉलेजों के MBBS इंटर्न को अब 25,000 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलेगा। संशोधित दर 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगी। इससे पहले इंटर्न को 15,900 रुपये प्रतिमाह मिल रहे थे। PG डॉक्टरों के स्टाइपेंड में भी बढ़ोतरीसरकार ने पीजी डॉक्टरों के स्टाइपेंड में भी बढ़ोतरी की है। नई दरों के अनुसार—PG प्रथम वर्ष: 67,500 से बढ़कर 85,050 रुपयेPG द्वितीय वर्ष: 71,450 से बढ़कर 90,027 रुपयेPG तृतीय वर्ष: 74,600 से बढ़कर 93,996 रुपयेनई दरें 1 अक्टूबर से प्रभावी होंगी। बांड की अवधि और राशि कम करने की मांगजूनियर डॉक्टरों की प्रमुख मांग MBBS और PG के बाद लागू सेवा बांड की अवधि कम करना है। डॉक्टरों के मुताबिक वर्तमान व्यवस्था में दो-दो साल की बांड सेवा है। एसोसिएशन इसे घटाकर एक साल करने की मांग कर रहा है। इसके साथ ही बांड की राशि कम करने की मांग भी की जा रही है।डॉक्टरों के अनुसार वर्तमान में PG के लिए 50 लाख रुपये और MBBS के लिए 25 लाख रुपये की बांड राशि है। सुपर स्पेशियलिटी कैडर बनाने की मांगजूनियर डॉक्टरों की 17 सूत्रीय मांगों में पोस्ट-PG स्टाइपेंड, PG रेजिडेंट, बांडेड जूनियर रेजिडेंट और सीनियर रेजिडेंट के मानदेय में संशोधन के साथ DM और MCH सुपर स्पेशियलिटी रेजिडेंट के स्टाइपेंड में बदलाव तथा प्रदेश में अलग सुपर स्पेशियलिटी कैडर बनाने की मांग भी शामिल है। 29 सितंबर को स्वास्थ्य मंत्री के साथ बैठकआंदोलन के बीच जूनियर डॉक्टरों को 29 सितंबर को सुबह 11:30 बजे स्वास्थ्य मंत्री के साथ चर्चा के लिए बुलाया गया है। डॉक्टरों को उम्मीद है कि बैठक में उनकी लंबित मांगों पर ठोस निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल ओपीडी बहिष्कार जारी है। जूनियर डॉक्टरों ने पहले ही चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है। इमरजेंसी समेत अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के बहिष्कार की चेतावनी से मरीजों और अस्पताल प्रबंधन की चिंता बढ़ गई है।












