
मुंगेली में 9वीं की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, बेल्ट से मारपीट के बाद नशीला इंजेक्शन लगाने की बात; दो आरोपी गिरफ्तारमुंगेली/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के जरहागांव थाना क्षेत्र के बरेला में 14 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। छात्रा की शिकायत के आधार पर पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मामले की जांच जारी है। रास्ते में रोककर बेल्ट से की मारपीटपुलिस के अनुसार, घटना की शुरुआत 29 सितंबर की शाम हुई। छात्रा अपनी सहेली के घर से वापस लौट रही थी। इसी दौरान रास्ते में दो युवकों ने उसे रोक लिया। आरोप है कि दोनों ने उसके साथ गाली-गलौज की और बेल्ट से मारपीट की। इसके बाद उसे धमकाते हुए घटना के बारे में किसी को बताने से मना किया गया।छात्रा ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने उसे 500 रुपये भी दिए और घटना किसी को बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।डर के कारण रतनपुर चली गईघटना के बाद छात्रा डर के कारण अपने घर नहीं लौटी और बस से रतनपुर चली गई। वहां एक अज्ञात महिला ने उसकी मदद की। अगले दिन 30 सितंबर को छात्रा घर लौटने के लिए निकली और सकरी में बस बदलकर बरेला पहुंची।दोबारा पकड़कर मकान में ले जाने का आरोपशिकायत के मुताबिक, बरेला पहुंचने के बाद शाम करीब पांच बजे छात्रा का सामना फिर उन्हीं दोनों युवकों से हुआ। आरोप है कि दोनों ने उसे जबरन पकड़ लिया और एक मकान में ले गए।छात्रा ने पुलिस को बताया कि वहां उसे नशीला इंजेक्शन लगाया गया, जिसके बाद वह बेहोश हो गई। होश आने के बाद उसने खुद को असहज स्थिति में पाया और शरीर में दर्द महसूस होने की बात कही। छात्रा ने संदेह जताया कि बेहोशी की हालत में उसके साथ दुष्कर्म किया गया।घर पहुंचकर परिजनों को बताई घटनाघटना के बाद छात्रा किसी तरह अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी जानकारी दी। इसके बाद परिजन उसे लेकर पुलिस के पास पहुंचे। शिकायत के आधार पर जरहागांव पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।दोनों आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजे गएपुलिस ने मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। कोर्ट के आदेश के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस छात्रा के मेडिकल परीक्षण और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। साथ ही कथित तौर पर लगाए गए इंजेक्शन में किस पदार्थ का इस्तेमाल हुआ था और वह कहां से प्राप्त किया गया, इसकी भी जांच की जा रही है। **नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करना कानूनन प्रतिबंधित है, इसलिए उसकी पहचान से जुड़ी कोई जानकारी प्रकाशित नहीं की जा रही है।**












